ऑल इंडिया हिंदू पर्सनल लॉ बोर्ड का मूल मिशन सनातन समाज के पारंपरिक विधिक अधिकारों, सांस्कृतिक संहिताओं और नागरिक स्वतंत्रताओं का संवैधानिक दायरे में रहते हुए पूर्ण संरक्षण करना है। आधुनिक कानूनी प्रणालियों के विकास के साथ, कई बार ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न होती हैं जहाँ पारंपरिक मूल्यों और वैधानिक अधिनियमों के बीच संतुलित समन्वय की आवश्यकता होती है। हमारी परिषद एक ऐसे सेतु के रूप में कार्य करती है जो प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक संवैधानिक अधिकारों के साथ संरेखित कर समाज को सही दिशा प्रदान करती है।
हमारा संकल्प समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर वंचित और विधिक जानकारियों से दूर रहने वाले नागरिकों को सुलभ और विशेषज्ञ कानूनी परामर्श उपलब्ध कराना है। वाराणसी स्थित केंद्रीय कैम्प कार्यालय से संचालित होने वाला हमारा प्रशासनिक ढांचा यह सुनिश्चित करता है कि जब भी किसी नागरिक या संस्था के सांस्कृतिक अधिकारों को विधिक चुनौती मिले, तब हमारा वैधानिक डेस्क पूरी सामर्थ्य के साथ उनके पक्ष को मजबूत करने के लिए शोध-आधारित आलेख (Dispatches) और विलेख तैयार कर सके।
इसके साथ ही, बोर्ड का एक दीर्घकालिक उद्देश्य युवा अधिवक्ताओं और समाजसेवियों की एक ऐसी राष्ट्रव्यापी श्रृंखला तैयार करना है जो विनियामक सुरक्षा मानकों, ट्रस्ट संचालन और प्रत्यक्ष कराधान कानूनों (जैसे धारा 12A और 80G नियमों) के प्रति पूरी तरह जागरूक हो। हम मानते हैं कि जब तक समाज विधिक रूप से सशक्त और जागरूक नहीं होगा, तब तक सांस्कृतिक धरोहरों की अक्षुण्णता को स्थायी रूप से बनाए रखना संभव नहीं है। इसी निष्ठा के साथ हमारी शासी परिषद निरंतर कार्यरत है।