ऑल इंडिया हिंदू पर्सनल लॉ बोर्ड किसी व्यावसायिक लाभ के लिए काम करने वाली संस्था नहीं है, बल्कि यह सनातन नागरिक अधिकारों, सांस्कृतिक परंपराओं और विधिक हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध एक पूर्णतः स्वायत्त एवं न्यासी परिषद है। हमारे देश की सांस्कृतिक विविधता और प्राचीन विरासत को समय-समय पर जटिल कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इन चुनौतियों से निपटने और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े प्रत्येक व्यक्ति को उचित संवैधानिक व विधिक परामर्श उपलब्ध कराने के लिए संगठनात्मक स्तर पर एक सुदृढ़ और स्वतंत्र वित्तीय आधार का होना अनिवार्य है।
आपके द्वारा दिया गया एक-एक अंशदान सीधे हमारे केंद्रीय विधिक सहायता प्रकोष्ठ, राष्ट्रीय दस्तावेजीकरण लेजर और देशव्यापी प्रशासनिक संपर्क केंद्रों को संचालित करने में उपयोग किया जाता है। जब आप बोर्ड को वित्तीय रूप से सहयोग करते हैं, तो आप सीधे तौर पर समाज के नीतिगत सुधारों, प्राचीन नागरिक संहिताओं के संरक्षण, और हमारी आने वाली पीढ़ियों के वैधानिक अधिकारों को सुरक्षित बनाने वाले विलेखों (Dispatches) और शोध कार्यों में अपनी प्रत्यक्ष भागीदारी सुनिश्चित करते हैं।
यह पूरी व्यवस्था अत्यंत पारदर्शी और जवाबदेह है। छवि image_26ef0b.png के अनुसार, बोर्ड आयकर विभाग के तहत धारा 12A और 80G के अंतर्गत विधिवत पंजीकृत है। इसका तात्पर्य यह है कि आपके द्वारा राष्ट्र और समाज के हित में दी गई सहयोग राशि न केवल पूरी तरह से विनियामक सुरक्षा मानकों के तहत ऑडिट की जाती है, बल्कि वह कानूनन शत-प्रतिशत आयकर छूट (Tax Exemption) के लाभ के योग्य भी है।
सांस्कृतिक और विधिक संप्रभुता की इस यात्रा को बिना किसी बाहरी या अनुचित राजनैतिक दबाव के बनाए रखने के लिए, हम केवल अपने समाज और प्रबुद्ध सदस्यों के स्वैच्छिक योगदान पर ही निर्भर रहते हैं। हम अपने सभी पदाधिकारियों, संरक्षकों और सनातन मूल्यों के समर्थकों से सविनय आह्वान करते हैं कि वे इस विधिक और विनियामक अनुष्ठान में अपनी क्षमता अनुसार अपना सहयोग अवश्य दें, ताकि यह स्वायत्त परिषद अपनी पूर्ण शक्ति और स्वाभिमान के साथ निरंतर कार्य करती रहे।